Soul Of India : Nation, Dharma & Destiny (Bhagwan Ke Desh Ka DNA + Bharat Bhagya Vidhata + Sanskriti Ka Pravah ) Indian Spirituality Books | APJ Abdul Kalam Vision | Indian Philosophy | Modern Hindu Thought (Set Of 3 Books)(Paperback, Hindi, Dr. Jaikaran, Dr. A.P.J. Abdul Kalam, Rakesh Sinha)
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Soul of India: Nation, Dharma & Destiny एक अनोखा संग्रह है जो भारतीय राष्ट्र की आत्मा को तीन दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करता है — धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय दृष्टिकोण। यह संग्रह भारत के भविष्य, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत की व्यापक व्याख्या करता है, जो आज के पाठकों को अपनी जड़ों और राष्ट्रीय भूमिका की गहराई से समझ प्रदान करता है।Book 1: Bhagwan Ke Desh Ka DNA by Dr. Jaikaran ISBN: 9789355620958डॉ. जयकरण द्वारा लिखित यह पुस्तक Bhagwan Ke Desh Ka DNA आधुनिक भारत में धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों की भूमिका पर गहन प्रकाश डालती है। लेखक ने यह दर्शाया है कि कैसे भारत की आत्मा और उसकी पहचान आध्यात्मिकता में रची-बसी है। इस पुस्तक में धर्म के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, भारत के सांस्कृतिक डीएनए, और विश्वगुरु बनने की दिशा में हमारे प्रयासों की चर्चा की गई है। यह कृति न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि एक समग्र सांस्कृतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जो पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।Book 2: Bharat Bhagya Vidhata by Dr. A.P.J. Abdul Kalam ISBN: 9789350489987भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की यह प्रेरणादायक पुस्तक Bharat Bhagya Vidhata भारत के भविष्य के लिए एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। डॉ. कलाम ने इसमें बताया है कि भारत को 21वीं सदी का नेतृत्वकर्ता राष्ट्र कैसे बनाया जा सकता है — शिक्षा, प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता, और नवाचार के माध्यम से। यह पुस्तक युवाओं, नीति निर्माताओं और प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए एक प्रेरक दस्तावेज़ है। इसमें ऐसे विचार प्रस्तुत किए गए हैं जो भारत को न केवल आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध बनाने की दिशा दिखाते हैं।Book 3: Sanskriti Ka Pravah by Rakesh Sinha ISBN: 9789355627773राकेश सिन्हा द्वारा रचित Sanskriti Ka Pravah भारतीय संस्कृति की ऐतिहासिक और समकालीन यात्रा पर केंद्रित है। यह पुस्तक दिखाती है कि भारत की संस्कृति कोई स्थिर परंपरा नहीं, बल्कि एक सतत प्रवाह है जो समय के साथ विकसित होती रही है। इसमें सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, भारतीयता, और सभ्यता के विकास के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। लेखक ने यह भी बताया है कि भारत की सांस्कृतिक चेतना किस प्रकार आज के सामाजिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बनी हुई है।Soul of India संग्रह उन पाठकों के लिए एक अद्वितीय प्रस्तुति है जो भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय स्वरूप को समझने में रुचि रखते हैं। यह संग्रह विचार, चिंतन और कार्य की प्रेरणा देने वाला साहित्यिक संकलन है जो पाठकों को भारत के मूल्यों से जोड़ता है और आत्म-गौरव का बोध कराता है।